🪔 पवित्र आरती पाठ

भगवान विष्णु की आरती

भगवान विष्णु की स्तुति और प्रार्थना

पालन, धर्म-संरक्षण और करुणा के स्वरूप भगवान विष्णु की प्रसिद्ध ॐ जय जगदीश हरे आरती।

ॐ नमो नारायणाय।
श्रेणी आरती
विशेष अवसर गुरुवार एवं एकादशी
प्रमुख मंत्र ॐ नमो नारायणाय।
अर्पण तुलसी दल, पीले पुष्प, फल और पंचामृत

संपूर्ण आरती पाठ

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।

सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।

तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।

पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।

मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।

किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥

दीनबन्धु दुःखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥

विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।

श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥

तन मन धन सब है तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा।

तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा॥

श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥

आरती का भावार्थ और संदेश

यह आरती भगवान को पालनकर्ता, अन्तर्यामी और करुणा के सागर के रूप में स्मरण करती है। भक्त विकार छोड़कर श्रद्धा, सेवा और समर्पण की प्रार्थना करता है।

आरती का उद्देश्य केवल गीत गाना नहीं, बल्कि कृतज्ञता, आत्मचिंतन और सद्कर्म का संकल्प लेना भी है। विभिन्न क्षेत्रों में कुछ पंक्तियाँ या उच्चारण अलग हो सकते हैं।

सरल मार्गदर्शन

आरती करने की विधि

परिवार और स्थानीय परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है।

1

तैयारी

स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान साफ करें।

2

दीप प्रज्वलन

सुरक्षित स्थान पर घी या तेल का दीपक जलाएँ।

3

अर्पण

तुलसी दल, पीले पुष्प, फल और पंचामृत श्रद्धा से अर्पित करें।

4

मंत्र जप

ॐ नमो नारायणाय। का शांत मन से जप करें।

5

आरती पाठ

आरती स्पष्ट उच्चारण और भक्ति भाव से गाएँ।

6

प्रार्थना

अपने परिवार और समस्त जगत के कल्याण की प्रार्थना करें।

सुरक्षा: दीपक और कपूर को बच्चों, पर्दों और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। पूजा के बाद अग्नि पूरी तरह बुझी है, यह सुनिश्चित करें।

भक्ति का संदेश

ॐ नमो नारायणाय।

श्रद्धा, शुद्ध आचरण, सेवा और करुणा ही पूजा को जीवन में सार्थक बनाते हैं।

जिज्ञासा समाधान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ॐ जय जगदीश हरे किसकी आरती है?

भगवान विष्णु या जगदीश भगवान की व्यापक रूप से गाई जाने वाली आरती।

क्या तुलसी अर्पित कर सकते हैं?

हाँ, तुलसी दल विष्णु पूजा में विशेष महत्व रखता है।

मुख्य संदेश क्या है?

समर्पण, करुणा, संत सेवा और विकारों का त्याग।